Raghuvansham (रघुवंशम्)

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Krishnamani Tripathi - Sanskrit - Chaukhamba Surbharati Prakashan

Raghuvansham (रघुवंशम्)

रघुवंशम् (Raghuvansham) रघुवंश में महाकाव्य के सभी लक्षण घटते हैं। इसके १९ सर्गों में कवि कालिदास ने इक्ष्वाकुवंशो महाप्रतापी राजा दिलीप से लेकर अग्निवर्णं तक २७ राजाओं का आदर्शमय वर्णन किया है। यद्यपि इस काव्य की कथा वाल्मीकिरामायण, महाभारत तथा पद्म आदि पुराणों में पायी जाती है, पर वाल्मीकि से अधिक समता है, फिर भी वाल्मीकिरामायण और रघुवंश के वंशक्क्रम में महान् अन्तर है। बा० रा० आदि काण्ड, सर्ग ७० के १९-४३ श्लोकों के अनुसार दिलीप से राम तक १८ राजाओं का नाम निर्दिष्ट है; किन्तु रघुवंश में दिलीप से राम तक ५ ही पीड़ी पड़ती है (१) दिलीप, (२) रघु (३) अज, (४) दशरथ और (५) राम।

Author : Krishnamani Tripathi

Publisher : Chaukhamba Surbharati Prakashan

Language : Sanskrit

Edition : 2023

Pages : 672

Cover : Paper Back

ISBN : 978-93-83721-44-3

Size : 14 x 2 x 22 (l x w x h )

Weight : 

Item Code : 


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